महाशिवरात्रि पर जानें अलीगढ़ के पाताल खेड़िया मंदिर का रहस्य। यहाँ स्थापित 3 रहस्यमयी शिवलिंगों की गहराई आज तक कोई नहीं नाप सका। भगवान कार्तिकेय से जुड़ी यह अद्भुत कथा और गुप्त शिवलिंगों का चमत्कार आपको हैरान कर देगा।
भारत रहस्यों और चमत्कारों का देश है, जहाँ कदम-कदम पर देवी-देवताओं के अद्भुत मंदिर स्थित हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक ऐसा रहस्यमयी शिव मंदिर है, जिसके चमत्कार के आगे विज्ञान भी नतमस्तक है।
हम बात कर रहे हैं अलीगढ़ जिले की इगलास तहसील के सहारा खुर्द गांव में स्थित ‘पाताल खेड़िया मंदिर’ की। इस मंदिर में मौजूद तीन शिवलिंगों की गहराई कितनी है, यह आज तक कोई नहीं जान पाया है। दावा किया जाता है कि इनका विस्तार सीधे पाताल लोक तक है! महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आइए जानते हैं इन “गुप्त शिवलिंगों” का क्या है असली रहस्य।
कोई नहीं नाप सका इन शिवलिंगों की गहराई!
स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारी पंडित गोपाल शर्मा के अनुसार, कई दशक पहले कुछ लोगों ने इन शिवलिंगों की गहराई नापने की कोशिश की थी। खुदाई शुरू हुई, लेकिन कुछ ही गहराई तक जाने के बाद जमीन से पानी की तेज धारा फूट पड़ी। खुदाई करने वाले थक हार गए, लेकिन शिवलिंग का आधार या जड़ किसी को नहीं मिली। इस चमत्कार के बाद से लोगों की आस्था और भी गहरी हो गई कि ये शिवलिंग सीधे पाताल तक स्थापित हैं। इसी कारण इस स्थान का नाम ‘पाताल खेड़िया’ पड़ गया।
भगवान शिव के क्रोध को शांत करने के लिए कार्तिकेय ने की थी स्थापना
इन शिवलिंगों का इतिहास किसी इंसान से नहीं, बल्कि स्वयं भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार:
- राक्षस ताड़कासुर भगवान शिव का परम भक्त था, जिसने कठोर तपस्या से अजेय होने का वरदान पाया था।
- जब ताड़कासुर के अत्याचार बढ़ने लगे, तो देवताओं की रक्षा के लिए भगवान कार्तिकेय ने उसका वध कर दिया।
- लेकिन, अपने सबसे बड़े भक्त की मृत्यु का समाचार सुनकर भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हो गए और उनका रौद्र रूप प्रकट होने लगा।
- तब महाशक्ति (माता पार्वती) ने कार्तिकेय को सलाह दी कि शिव का क्रोध शांत करने के लिए वे तीन शिवलिंग स्थापित कर उनकी आराधना करें।
- माना जाता है कि सहारा खुर्द के पास कार्तिकेय ने ही इन तीन शिवलिंगों की स्थापना की थी।
क्या हैं इन 3 रहस्यमयी शिवलिंगों के नाम?
स्थानीय ग्रामीण इन शिवलिंगों को सामूहिक रूप से ‘गुप्त शिवलिंग’ कहते हैं। इनके दर्शन मात्र से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इन तीनों के नाम इस प्रकार हैं:
- श्री कुमारेश्वर महादेव
- श्री प्रतिज्ञेश्वर महादेव
- श्री कपालेश्वर महादेव
यहाँ बहती है दिव्य ऊर्जा की अद्भुत लहर
ग्रामीणों का अटल विश्वास है कि पाताल खेड़िया मंदिर की धरती के भीतर एक बेहद शक्तिशाली दिव्य ऊर्जा का प्रवाह है। सच्चे मन से जो भी भक्त यहाँ आकर भगवान शिव से कुछ मांगता है, उसकी मुराद महादेव तुरंत पूरी करते हैं। खासकर शादीशुदा महिलाएं अपने सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की सुख-शांति के लिए यहाँ दर्शन करने जरूर आती हैं।
महाशिवरात्रि 2026 पर लगेगा भव्य मेला
हर साल महाशिवरात्रि के दिन इस अद्भुत मंदिर में एक विशाल मेले का आयोजन होता है। इस बार महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) पर यहाँ अलीगढ़ और आसपास के जिलों से हजारों शिव भक्तों की भीड़ उमड़ने वाली है। प्रशासन और ग्राम समिति की ओर से सुरक्षा, लाइट और पानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
निष्कर्ष: अगर आप भगवान शिव के सच्चे भक्त हैं और रहस्यों से भरे प्राचीन मंदिरों के दर्शन करना पसंद करते हैं, तो अलीगढ़ का ‘पाताल खेड़िया मंदिर’ आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए। महादेव का यह चमत्कारिक धाम आस्था और भक्ति का एक अनूठा प्रतीक है।
#PatalKheriyaTemple #MysteriousShivling #AligarhTemple #Mahashivratri2026 #ShivlingMystery #ViralTemple #HarHarMahadev #LordShiva #HiddenShivling

