व्रत में खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी कैसे बनाएं? राजस्थानी महिला की इस खास और सीक्रेट रेसिपी को अपनाएं। जानें साबूदाना भिगोने से लेकर पकाने का सही तरीका और वो खास पाउडर जो खिचड़ी को चिपकने नहीं देगा।
महाशिवरात्रि हो, नवरात्रि हो या फिर कोई भी अन्य व्रत, साबूदाना खिचड़ी हर घर में बनने वाला सबसे प्रमुख और पसंदीदा फलाहार है। यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि दिनभर के व्रत में एनर्जी बनाए रखने का एक शानदार स्रोत भी है। लेकिन, सबसे बड़ी समस्या जो ज्यादातर लोगों को आती है, वो ये है कि साबूदाना खिचड़ी अक्सर कड़ाही में चिपक जाती है या चिपचिपी (Sticky) बन जाती है। साबूदाने को सीधे पकाने की बजाय स्टीम (भाप) किया जाता है और इसमें एक खास पाउडर मिलाया जाता है। आइए जानते हैं क्या है ये सीक्रेट रेसिपी।

1. साबूदाना भिगोने का सही तरीका और माप
खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने का पहला और सबसे अहम कदम है साबूदाने को सही तरीके से भिगोना।
- सबसे पहले 1 कप मीडियम साइज का साबूदाना लें।
- इसे हल्के हाथों से 2-3 बार पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि इसका अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। (यही स्टार्च खिचड़ी को चिपचिपा बनाता है)।
- धोने के बाद इसमें 3/4 कप पानी डालें। ध्यान रखें कि पानी साबूदाने के स्तर से बहुत ऊपर नहीं होना चाहिए, बस साबूदाना डूब जाए।
- अब इसे कम से कम 3 घंटे या रात भर के लिए ढककर छोड़ दें। इससे साबूदाना अंदर तक नरम होकर फूल जाएगा।
2. साबूदाना पकाने का अनोखा ‘स्टीमिंग’ तरीका
आमतौर पर साबूदाने को सीधे घी या तेल में पकाया जाता है, जिससे उसके चिपकने के चांस ज्यादा होते हैं। लेकिन इस राजस्थानी ट्रिक के अनुसार:
- एक पैन या बर्तन में पानी गर्म करें और उसके अंदर एक स्टैंड रखें।
- भीगे हुए साबूदाने को एक अलग बर्तन में रखकर उस स्टैंड के ऊपर रख दें।
- अब इसे ढककर लगभग 10 मिनट तक भाप (Steam) में पकाएं।
- स्टीम करने से साबूदाना पूरी तरह से पक जाता है, इसके दाने ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) हो जाते हैं और सबसे बड़ी बात- ये कड़ाही में बिल्कुल नहीं चिपकते!
3. वो खास पाउडर जो करेगा जादू: मूंगफली का पाउडर
यही वो सीक्रेट इंग्रीडिएंट है जो आपकी खिचड़ी को एकदम खिला-खिला बनाएगा:
- जब साबूदाना स्टीम हो रहा हो, तब दूसरी तरफ मूंगफली के दानों को बिना तेल के (ड्राई रोस्ट) भून लें।
- भुनने के बाद इनके छिलके उतार लें और मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें (एकदम बारीक पाउडर न बनाएं)।
- 10 मिनट बाद जब साबूदाना स्टीम हो जाए, तो उसे बाहर निकालें और तुरंत उसमें यह मूंगफली का दरदरा पाउडर मिला दें।
- फायदा: मूंगफली का पाउडर साबूदाने की सारी एक्स्ट्रा नमी (Moisture) सोख लेता है और हर दाने को एक-दूसरे से अलग कर देता है।
4. कच्चे आलू का क्रिस्पी तड़का
अक्सर लोग खिचड़ी में उबले हुए आलू का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खिचड़ी गीली हो सकती है। खिली-खिली खिचड़ी के लिए:
- एक पैन या कड़ाही में 2 चम्मच देसी घी या मूंगफली का तेल गर्म करें।
- इसमें कच्चे आलू के पतले स्लाइस काटकर डालें। कच्चे आलू का इस्तेमाल करने से खिचड़ी ज्यादा क्रिस्पी और खिली-खिली बनती है।
- आलू को सुनहरा और कुरकुरा होने तक अच्छी तरह फ्राई कर लें।
5. मसालों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन और फाइनल मिक्सिंग
- जब आलू पक जाएं, तो पैन में थोड़ा सा घी, जीरा और करी पत्ता डालें।
- इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें (व्रत में अदरक का स्वाद बहुत रिफ्रेशिंग लगता है)।
- आप चाहें तो इस समय थोड़े साबुत भुने हुए मूंगफली के दाने भी डाल सकते हैं।
- अब इस तैयार तड़के में अपना स्टीम किया हुआ साबूदाना (जिसमें मूंगफली पाउडर मिला है) डाल दें।
- स्वादानुसार सेंधा नमक (Vrat Salt) मिलाएं।
- चूंकि साबूदाना पहले ही स्टीम होकर पक चुका है, इसलिए इसे ढककर पकाने की कोई जरूरत नहीं है। बस हल्के हाथों से सब कुछ अच्छे से मिक्स करें।
- खट्टे-मीठे स्वाद के लिए आप इसमें थोड़ी सी चीनी और आधा नींबू का रस मिला सकते हैं।
- अंत में ताज़ा हरा धनिया डालकर गार्निश करें।
लीजिए! आपकी एकदम खिली-खिली, नॉन-स्टिकी और स्वादिष्ट व्रत वाली साबूदाना खिचड़ी बनकर तैयार है। गरमा-गरम परोसें और व्रत में भी भरपूर एनर्जी पाएं।
